Original Article
A study of the relationship between academic achievement and smart phone use among higher secondary level students of Barabanki district
बाराबंकी
जनपद के उच्च
माध्यमिक
स्तर के विद्यार्थियों
की शैक्षिक
उपलब्धि तथा
स्मार्ट
मोबाइल फोन के
उपयोग के मध्य
संबंध का
अध्ययन
|
B.K. Gupta 1*, Sushil Kumar
Gupta 2 1 Professor and Head of
Department of Education, Jawaharlal Nehru Memorial PG College, Barabanki, Uttar Pradesh, India 2 Research Scholar, Department of Education, Jawaharlal
Nehru Memorial PG College, Barabanki, Uttar Pradesh, India |
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ABSTRACT |
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English: The objective of this study is to analyze the relationship between the use of smartphones and the academic achievement of higher secondary students in Barabanki district. Academic achievement is measured by students' academic success, exam results, and overall academic performance. Excessive smartphone use significantly impacts students' lives, potentially leading to various impacts on academic performance. This study included 160 students (80 boys and 80 girls) from government and private schools in urban and rural areas of Barabanki district. The research found that excessive smartphone use has no significant impact on academic achievement. However, purposeful and moderate smartphone use can improve students' academic achievement. This study sends a message to educational institutions and policymakers that smartphones should be used for educational purposes and students should be encouraged to use them positively. Moderation in smartphone use and adherence to guidelines can contribute to students' academic development. Hindi: इस
अध्ययन का
उद्देश्य
बाराबंकी
जनपद के उच्च
माध्यमिक
स्तर के
विद्यार्थियों
की शैक्षिक
उपलब्धि और
स्मार्ट
मोबाइल फोन
के उपयोग के
बीच के संबंध
का विश्लेषण
करना है।
शैक्षिक उपलब्धि
विद्यार्थियों
के अध्ययन
में सफलताए
परीक्षा
परिणाम और
समग्र
शैक्षिक
प्रदर्शन के
आधार पर मापी
जाती है।
स्मार्ट
मोबाइल फोन
का अत्यधिक
उपयोग
विद्यार्थियों
के जीवन में
एक
महत्वपूर्ण
बदलाव लाता
हैए जिसके
परिणामस्वरूप
शैक्षिक
प्रदर्शन पर
विभिन्न प्रभाव
पड़ सकते
हैं। इस
अध्ययन में 160
विद्यार्थियों
;80 छात्र
और 80
छात्राएंद्ध
को शामिल
किया गयाए जो
बाराबंकी
जिले के शहरी
और ग्रामीण
क्षेत्रों
के सरकारी और
निजी
विद्यालयों
से थे। शोध
में पाया गया
कि
स्मार्टफोन
का अत्यधिक
उपयोग
शैक्षिक
उपलब्धि पर
कोई सार्थक
प्रभाव नहीं
डालता।
हालांकिए
स्मार्टफोन का
उद्देश्यपूर्ण
और संयमित
उपयोग
विद्यार्थियों
की शैक्षिक
उपलब्धि को
बेहतर बना
सकता है। यह
अध्ययन
शैक्षिक
संस्थानों
और नीति निर्माताओं
को यह संदेश
देता है कि
स्मार्टफोन
का उपयोग
शिक्षा के
उद्देश्य से
किया जाए और
विद्यार्थियों
को इसके
सकारात्मक
उपयोग के लिए
प्रोत्साहित
किया जाए।
स्मार्टफोन
के उपयोग में
संतुलन और
दिशा.निर्देशों
का पालन
विद्यार्थियों
के शैक्षिक
विकास में
सहायक हो
सकता है। Keywords: Educational Achievements Smart Mobile
Phones, Students, Higher Secondary Level, Barabanki
District, शैक्षिक
उपलब्धि,
स्मार्ट
मोबाइल फोन,
विद्यार्थियों, उच्च
माध्यमिक
स्तर,
बाराबंकी
जनपद |
||
प्रस्तावना
आज के
आधुनिक युग
में
प्रौद्योगिकी
ने हमारे जीवन
के हर पहलू को
प्रभावित
किया है, और शिक्षा
क्षेत्र भी
इससे अछूता
नहीं रहा है।
स्मार्ट
मोबाइल फोन, जो पहले
केवल संचार के
लिए उपयोग किए
जाते थे, अब शैक्षिक
सामग्री और
संसाधनों तक
पहुँच के महत्वपूर्ण
माध्यम बन
चुके हैं।
स्मार्टफोन
के द्वारा
विद्यार्थी
ऑनलाइन
शिक्षा, शोध, और
विभिन्न
शैक्षिक ऐप्स
का उपयोग करके
अपने ज्ञान
में वृद्धि कर
सकते हैं।
लेकिन इसके साथ-साथ, स्मार्टफोन
का अत्यधिक और
अव्यवस्थित
उपयोग
विद्यार्थियों
के शैक्षिक
प्रदर्शन और
मानसिक
स्वास्थ्य पर
नकारात्मक
प्रभाव भी डाल
सकता है।
शैक्षिक
उपलब्धि, जो कि
विद्यार्थियों
के समग्र
अध्ययन में सफलता
और परीक्षा
परिणामों के
आधार पर मापी
जाती है, पर
स्मार्टफोन
का प्रभाव एक
महत्वपूर्ण
और विचारणीय
विषय बन चुका
है। कुछ शोधों
में यह पाया
गया है कि
स्मार्टफोन
का अत्यधिक
उपयोग विद्यार्थियों
की शैक्षिक
उपलब्धि को कम
कर सकता है, जबकि कुछ
शोधों में यह
दिखाया गया है
कि स्मार्टफोन
का संयमित
उपयोग शिक्षा
के संसाधन के
रूप में सहायक
हो सकता है।
बाराबंकी
जनपद के उच्च
माध्यमिक
विद्यालयों
के
विद्यार्थियों
में
स्मार्टफोन
के उपयोग और
शैक्षिक
उपलब्धि के
बीच के संबंध
का अध्ययन इस
शोध का मुख्य
उद्देश्य है।
यह अध्ययन यह
समझने का
प्रयास करता
है कि
स्मार्टफोन
का उपयोग किस
प्रकार
विद्यार्थियों
की शैक्षिक उपलब्धि
को प्रभावित
करता है, और क्या शहरी
और ग्रामीण
क्षेत्रों
में इसके प्रभाव
में कोई अंतर
पाया जाता है।
इसके अलावा, सरकारी और
निजी
विद्यालयों
के
विद्यार्थियों
में
स्मार्टफोन
के उपयोग का
शैक्षिक उपलब्धि
पर क्या असर
पड़ता है, यह भी इस
अध्ययन का एक
महत्वपूर्ण पहलू
है।
इस
अध्ययन से न
केवल
स्मार्टफोन
के उपयोग के सकारात्मक
और नकारात्मक
पहलुओं का
विश्लेषण होगा, बल्कि यह
भी पता चलेगा
कि किस प्रकार
विद्यार्थी
इसका उपयोग
अपनी शैक्षिक
सफलता को
बेहतर बनाने
के लिए कर
सकते हैं। इस
शोध के
निष्कर्ष
शैक्षिक
संस्थाओं और
नीति
निर्माताओं
के लिए
मार्गदर्शन
प्रदान
करेंगे, ताकि वे
विद्यार्थियों
को
स्मार्टफोन
के उपयोग के
लिए सही
दिशा-निर्देश
दे सकें और
शैक्षिक
परिणामों को
बेहतर बना
सकें।
साहित्य
का अवलोकन
स्मार्टफोन
के उपयोग और
शैक्षिक
उपलब्धि के बीच
संबंध पर कई
अध्ययन किए गए
हैं। कुछ
शोधों में यह
पाया गया है
कि
स्मार्टफोन
का अत्यधिक
उपयोग
विद्यार्थियों
की शैक्षिक
उपलब्धि को
नकारात्मक
रूप से
प्रभावित कर
सकता है, जबकि अन्य
शोधों ने यह
भी बताया है
कि स्मार्टफोन
के
उद्देश्यपूर्ण
और नियंत्रित
उपयोग से
शैक्षिक
विकास में
सुधार हो सकता
है। इस विषय
पर किये गए
विभिन्न
अध्ययनों की
समीक्षा से यह
स्पष्ट होता
है कि
स्मार्टफोन
का प्रभाव विद्यार्थियों
पर विभिन्न
कारकों पर
निर्भर करता
है,
जैसे कि
उपयोग की
आवृत्ति, उद्देश्य, और समय का
प्रबंधन।
कई
शोधों ने
स्मार्टफोन
के प्रभाव को
विद्यार्थियों
की शैक्षिक
उपलब्धि पर
जाँचा है। Agrasen
(2020) के अनुसार, स्मार्टफोन
का अत्यधिक
उपयोग
विद्यार्थियों
के मानसिक
स्वास्थ्य को
प्रभावित
करता है, जिससे उनका
ध्यान भंग
होता है और
उनकी शैक्षिक
उपलब्धि में
कमी आती है।
उन्होंने यह
पाया कि जब
विद्यार्थियों
ने
स्मार्टफोन
का उपयोग अध्ययन
से अधिक
मनोरंजन के
लिए किया, तो उनकी
परीक्षा
परिणामों में
गिरावट आई।
कुछ
अध्ययन शहरी
और ग्रामीण
क्षेत्रों
में स्मार्टफोन
के उपयोग के
प्रभाव में
भिन्नता पर भी
केंद्रित रहे
हैं। Gandhi (2022) के अध्ययन
में यह पाया
गया कि शहरी
क्षेत्रों में
विद्यार्थियों
के पास बेहतर
इंटरनेट कनेक्टिविटी
और शैक्षिक
संसाधनों की
अधिक उपलब्धता
होती है, जो उन्हें
स्मार्टफोन
के माध्यम से
बेहतर शैक्षिक
सामग्री
प्राप्त करने
में मदद करता
है। वहीं, Aswa (2019) के अनुसार, ग्रामीण
क्षेत्रों के
विद्यार्थियों
के लिए यह
स्थिति भिन्न
होती है, क्योंकि
वहां इंटरनेट
की
कनेक्टिविटी
और स्मार्टफोन
के शैक्षिक
उपयोग के लिए
आवश्यक संसाधनों
की कमी होती
है।
Sharma (2004) ने
स्मार्टफोन
की लत और उसके
शैक्षिक
प्रभाव पर शोध
किया और यह
निष्कर्ष
निकाला कि
स्मार्टफोन
की लत
विद्यार्थियों
के शैक्षिक
प्रदर्शन को
नकारात्मक
रूप से
प्रभावित
करती है। उनकी
अध्ययन में
पाया गया कि
जो
विद्यार्थी
स्मार्टफोन
पर अधिक समय
बिताते थे, वे अक्सर
अपनी पढ़ाई के
लिए समय नहीं
निकाल पाते थे, जिससे
उनकी शैक्षिक
उपलब्धि में
गिरावट आती थी।
इसके विपरीत, Xiu Fong and Hassan. (2017)
का अध्ययन
यह दर्शाता है
कि यदि
स्मार्टफोन का
उपयोग शिक्षा
संबंधी
उद्देश्यों
के लिए किया
जाए, तो
यह
विद्यार्थियों
की शैक्षिक
उपलब्धि को बेहतर
बना सकता है।
कुछ
शोधों में यह
पाया गया है
कि
स्मार्टफोन, यदि
नियंत्रित
तरीके से
उपयोग किया
जाए, तो
यह
विद्यार्थियों
के लिए
शैक्षिक
संसाधन का एक
महत्वपूर्ण
माध्यम बन
सकता है। Sharma (2004) के अनुसार, स्मार्टफोन
का उपयोग
विद्यार्थियों
को ऑनलाइन
कोर्सेज, शैक्षिक
वीडियो, और डिजिटल
पुस्तकें
जैसी शैक्षिक
सामग्री तक
पहुँचने में
मदद करता है, जो उनके
अध्ययन को
अधिक प्रभावी
बनाता है।
कुछ
अध्ययनों में
यह भी दिखाया
गया है कि
स्मार्टफोन
के माध्यम से
सोशल मीडिया
का उपयोग विद्यार्थियों
की शैक्षिक
उपलब्धि को
प्रभावित
करता है। Singh and Dr. Shailbala. (2024) के अनुसार, सोशल
मीडिया का
अत्यधिक
उपयोग
विद्यार्थियों
की पढ़ाई में
विघ्न डालता
है और उनकी
शैक्षिक
उपलब्धि को
नकारात्मक
रूप से
प्रभावित करता
है। उन्होंने
यह भी पाया कि
विद्यार्थियों
के लिए
स्मार्टफोन
का उपयोग
अधिकतर समय
सोशल मीडिया
में व्यतीत
होता है, जिससे उनका
ध्यान पढ़ाई
से हटा रहता
है।
स्मार्टफोन
के अत्यधिक
उपयोग का
मानसिक स्वास्थ्य
पर भी प्रभाव
पड़ता है।
कुमार एवं Verma (2022) के अनुसार, स्मार्टफोन
की लत से
विद्यार्थियों
में मानसिक
तनाव, अवसाद
और चिंता की
समस्याएँ बढ़
सकती हैं, जो उनके
शैक्षिक
प्रदर्शन को
प्रभावित
करती हैं।
स्मार्टफोन
का अधिक उपयोग
विद्यार्थियों
को मानसिक और
शारीरिक थकान
में डाल सकता
है,
जिससे
उनकी शैक्षिक
उपलब्धि में
गिरावट आ सकती
है।
स्मार्टफोन
का प्रभाव
शैक्षिक
उपलब्धि पर सकारात्मक
और नकारात्मक
दोनों प्रकार
से देखा जा
सकता है। यह
इस बात पर
निर्भर करता
है कि स्मार्टफोन
का उपयोग किस
उद्देश्य से
किया जा रहा
है। जब इसे
शैक्षिक
उद्देश्यों
के लिए उपयोग
किया जाता है, तो यह
विद्यार्थियों
की शैक्षिक
उपलब्धि में
सुधार कर सकता
है। हालांकि, स्मार्टफोन
का अत्यधिक और
अव्यवस्थित
उपयोग
विद्यार्थियों
के मानसिक
स्वास्थ्य और
शैक्षिक
प्रदर्शन को
नकारात्मक
रूप से प्रभावित
कर सकता है।
इसके अलावा, शहरी और
ग्रामीण
क्षेत्रों के
विद्यार्थियों
के लिए
स्मार्टफोन के
प्रभाव में
भिन्नताएँ
पाई गई हैं, जो उनके
तकनीकी
संसाधनों और
इंटरनेट
कनेक्टिविटी
पर निर्भर
करती हैं।
अध्ययन
की
प्रासंगिकता
वर्तमान
समय में
प्रौद्योगिकी
का प्रभाव हर क्षेत्र
में दिखाई दे
रहा है, और शिक्षा भी
इससे
प्रभावित हुई
है। विशेष रूप
से,
स्मार्टफोन
ने शिक्षा के
क्षेत्र में
नए अवसर
प्रदान किए
हैं।
स्मार्टफोन
विद्यार्थियों
के लिए
शैक्षिक
संसाधनों तक
पहुँचने का एक
आसान तरीका बन
चुका है।
इंटरनेट, शैक्षिक
ऐप्स, ऑनलाइन
पाठ्यक्रम और
वीडियो
ट्यूटोरियल्स
के माध्यम से, स्मार्टफोन
ने
विद्यार्थियों
को शिक्षा के नए
तरीके दिए
हैं। इससे
विद्यार्थियों
को अध्ययन
सामग्री तक
आसान पहुँच
मिलती है और
उनके शैक्षिक
प्रदर्शन में
सुधार हो सकता
है।
हालाँकि, स्मार्टफोन
का अत्यधिक
उपयोग कुछ
समस्याएँ भी
उत्पन्न कर
सकता है। सोशल
मीडिया, गेम्स और
मनोरंजन
गतिविधियाँ
विद्यार्थियों
का ध्यान
पढ़ाई से हटा
सकती हैं, जिससे
उनकी शैक्षिक
सफलता पर
नकारात्मक
प्रभाव पड़
सकता है। इसके
अतिरिक्त, स्मार्टफोन
की लत मानसिक
स्वास्थ्य पर
भी प्रतिकूल
प्रभाव डाल
सकती है, जैसे तनाव, चिंता और
अवसाद, जो
विद्यार्थियों
के शैक्षिक
प्रदर्शन को प्रभावित
कर सकते हैं।
बाराबंकी
जनपद के शहरी
और ग्रामीण
क्षेत्रों
में
स्मार्टफोन
के उपयोग का
प्रभाव
अलग-अलग हो
सकता है। शहरी
क्षेत्रों
में
विद्यार्थियों
को बेहतर
इंटरनेट
कनेक्टिविटी
और तकनीकी
संसाधन मिलते
हैं, जबकि
ग्रामीण
क्षेत्रों के
विद्यार्थियों
को इन
सुविधाओं की
कमी होती है।
इस अध्ययन के माध्यम
से,
शैक्षिक
नीति
निर्माताओं
और संस्थाओं
को स्मार्टफोन
के प्रभाव को
समझने का अवसर
मिलेगा, ताकि वे इसके
सही उपयोग के
लिए
दिशा-निर्देश
दे सकें।
यह
अध्ययन
परिवारों के
लिए भी
महत्वपूर्ण
है,
क्योंकि
यह
स्मार्टफोन
के उपयोग के
प्रभाव को
स्पष्ट रूप से
समझने में मदद
करेगा और
माता-पिता को
अपने बच्चों
को
स्मार्टफोन
के उचित उपयोग
के लिए
मार्गदर्शन
देने में
सहायता करेगा।
इस प्रकार, यह अध्ययन
शैक्षिक
संस्थाओं, नीति
निर्माताओं
और परिवारों
के लिए महत्वपूर्ण
दिशा-निर्देश
प्रदान
करेगा।
अध्ययन
का उद्देश:
1)
उच्च
माध्यमिक
स्तर के
विद्यार्थियों
की शैक्षिक
उपलब्धि तथा
स्मार्ट
मोबाइल फोन के
उपयोग के मध्य
संबंध का
अध्ययन
करना।
अध्ययन
की
परिकल्पनायें
1)
उच्च
माध्यमिक
स्तर के
विद्यार्थियों
की शैक्षिक
उपलब्धि तथा
स्मार्ट
मोबाइल फोन के
उपयोग के मध्य
कोई सार्थक
संबंध नहीं
पाया जाता है।
2)
उच्च
माध्यमिक
स्तर के शहरी
क्षेत्र के
विद्यार्थियों
की शैक्षिक
उपलब्धि तथा
स्मार्ट मोबाइल
फोन के उपयोग
के मध्य कोई
सार्थक संबंध
नहीं पाया
जाता है।
3)
उच्च
माध्यमिक
स्तर के
ग्रामीण
विद्यार्थियों
की शैक्षिक
उपलब्धि तथा
स्मार्ट
मोबाइल फोन के
उपयोग के मध्य
कोई सार्थक
संबंध नहीं पाया
जाता है।
4)
उच्च
माध्यमिक
स्तर के शहरी
सरकारी
विद्यालयों
के
विद्यार्थियों
की शैक्षिक
उपलब्धि तथा
स्मार्ट
मोबाइल फोन के
उपयोग के मध्य
कोई सार्थक
संबंध नहीं
पाया जाता है।
5)
उच्च
माध्यमिक
स्तर के शहरी
निजी
विद्यालयों
के
विद्यार्थियों
की शैक्षिक
उपलब्धि तथा स्मार्ट
मोबाइल फोन के
उपयोग के मध्य
कोई सार्थक
संबंध नहीं
पाया गया है।
6)
उच्च
माध्यमिक
स्तर के
ग्रामीण
सरकारी विद्यालयों
के
विद्यार्थियों
की शैक्षिक
उपलब्धि तथा
स्मार्ट
मोबाइल फोन के
उपयोग के मध्य
कोई सार्थक
संबंध नहीं
पाया जाता है।
7)
उच्च
माध्यमिक
स्तर के
ग्रामीण निजी
विद्यालयों
के
विद्यार्थियों
की शैक्षिक
उपलब्धि तथा
स्मार्ट
मोबाइल फोन के
उपयोग के मध्य
कोई सार्थक
संबंध नहीं
पाया जाता है।
न्यादर्श
प्रस्तुत
अध्ययन में
बाराबंकी
जनपद के उच्च माध्यमिक
स्तर के 160
विद्यार्थियों
(80 छात्र व 80
छात्राएँ) को
न्यादर्श के
रूप में चुना
गया है।
न्यादर्श चयन
की यादृच्छिक
विधि का प्रयोग
किया गया है।
शोध
विधि
प्रस्तुत
अध्ययन में
सर्वेक्षण
विधि का प्रयोग
किया गया है।
शोध
के चर:
किसी
भी
मनोवैज्ञानिक
एवं शैक्षिक
शोध में चरों
की भूमिका
अत्यन्त
महत्वपूर्ण
होती है। कोई
भी वस्तु, चीज या
घटना जिसमें
गुणों का मापन
हो सके अथवा
कोई भी ऐसी
चीज जिसमें
किसी भी कारण
से कोई परिवर्तन
आये, चर
कहलाती है।
प्रस्तुत शोध
के चर निम्न
है-
1)
स्वतंत्र
चर -
स्मार्ट
मोबाइल फोन का
उपयोग
2)
आश्रित
चर -
शैक्षिक
उपलब्धि
प्रस्तुत
शोध की
जनंसख्या
प्रस्तुत
शोध की
जनसंख्या
बाराबंकी
जिले के उच्च
माध्यमिक
स्तर के
विद्यार्थियों
का चयन किया
गया है।
शोध में
प्रयुक्त
उपकरण
इस
अध्ययन में
विद्यार्थियों
के स्मार्टफोन
उपयोग और उनकी
शैक्षिक
उपलब्धि के
बीच के संबंधों
को मापने के
लिए विभिन्न
उपकरणों और परीक्षणों
का उपयोग किया
गया है। इन
उपकरणों का उद्देश्य
अध्ययन के
विभिन्न
पहलुओं का
विश्लेषण
करना था, ताकि सही
निष्कर्षों
पर पहुंचा जा
सके। इन उपकरणों
का विस्तृत
विवरण
निम्नलिखित
है:
1)
स्मार्टफोन
की लत मापने
वाला उपकरण
यह
उपकरण डॉ.
विजय श्री और
डॉ. मसूर
अंसारी द्वारा
विकसित किया
गया था, और इसका
उद्देश्य
विद्यार्थियों
में स्मार्टफोन
की लत का स्तर
मापना था। यह
परीक्षण यह जानने
के लिए किया
गया कि
विद्यार्थियों
के स्मार्टफोन
के उपयोग की
आदतें किस हद
तक उनके जीवन
और शैक्षिक
प्रदर्शन को
प्रभावित कर
रही हैं।
·
उद्देश्य
1)
यह
जानना कि
विद्यार्थियों
का
स्मार्टफोन उपयोग
कितनी हद तक
शैक्षिक और
गैर-शैक्षिक
गतिविधियों
के लिए होता
है।
2)
यह
मापना कि क्या
स्मार्टफोन
का अत्यधिक
उपयोग उनके
अध्ययन, परीक्षा
परिणामों और
शैक्षिक
उपलब्धि पर नकारात्मक
प्रभाव डालता
है।
3)
यह
भी पता करना
कि क्या
स्मार्टफोन
की लत मानसिक
स्वास्थ्य, ध्यान
केंद्रित
करने की
क्षमता, और समय
प्रबंधन को
प्रभावित
करती है।
इस
उपकरण के
माध्यम से
विद्यार्थियों
के स्मार्टफोन
के उपयोग की
आवृत्ति, उद्देश्य
(शैक्षिक या
मनोरंजन), और समय
प्रबंधन पर
विश्लेषण
किया गया। यह
अध्ययन इस बात
की भी जांच
करता है कि
क्या स्मार्टफोन
का उपयोग
कभी-कभी या
संयमित तरीके
से किया जाता
है,
तो इससे
शैक्षिक
परिणामों में
सुधार हो सकता
है।
2)
शैक्षिक
उपलब्धि
मापने वाला
उपकरण
यह
उपकरण डॉ.
लतिका शर्मा
और पुनीता
रानी द्वारा
विकसित किया
गया था, जिसका मुख्य
उद्देश्य
विद्यार्थियों
की शैक्षिक
उपलब्धि का
मापन करना था।
इस उपकरण के अंतर्गत
विद्यार्थियों
के कक्षा 11 के बोर्ड
परीक्षा
परिणाम का
उपयोग किया
गया।
·
उद्देश्य
1)
यह
मापना कि
विद्यार्थियों
के शैक्षिक
परिणाम (जैसे
परीक्षा अंक)
किस हद तक
उनके स्मार्टफोन
के उपयोग से
प्रभावित
होते हैं।
2)
यह
समझने की
कोशिश की गई
कि
स्मार्टफोन
का उद्देश्यपूर्ण
उपयोग या इसकी
लत
विद्यार्थियों
के अकादमिक
प्रदर्शन को
किस प्रकार
प्रभावित
करती है।
3)
यह
देखना कि
स्मार्टफोन
का उपयोग शहरी
और ग्रामीण
क्षेत्रों के
विद्यार्थियों
के शैक्षिक
परिणामों पर
अलग-अलग
प्रभाव डालता
है या नहीं।
शैक्षिक
उपलब्धि
मापने के इस
उपकरण का
उपयोग विद्यार्थियों
के अंकों का
विश्लेषण
करने के लिए
किया गया। इस
परीक्षण के
माध्यम से यह
समझने का
प्रयास किया
गया कि क्या
स्मार्टफोन के
उपयोग में
भिन्नता से
विद्यार्थियों
के शैक्षिक
प्रदर्शन में
अंतर आता है, खासकर उन
विद्यार्थियों
में जो
शैक्षिक उद्देश्य
के लिए
स्मार्टफोन
का उपयोग करते
हैं।
इन
उपकरणों का
उपयोग करके
अध्ययन में यह
देखा गया कि
स्मार्टफोन
का अत्यधिक
उपयोग विद्यार्थियों
के शैक्षिक
जीवन को
प्रभावित कर
सकता है, लेकिन यदि
इसका उपयोग
संयमित और
उद्देश्यपूर्ण
तरीके से किया
जाता है, तो यह
विद्यार्थियों
के शैक्षिक
परिणामों में
सुधार ला सकता
है।
स्मार्टफोन
के उपयोग को नियंत्रित
करने और उसे
सही दिशा में
मार्गदर्शन
देने की
आवश्यकता है
ताकि इसका
शैक्षिक लाभ
अधिकतम हो
सके।
शोध में
प्रयुक्त
सांख्यिकी
इस
अध्ययन में
परिकल्पनाओं
के परीक्षण और
निष्कर्षों
के लिए
सहसंबंध
गुणांक
सांख्यिकी का
उपयोग किया
गया है।
सहसंबंध
गुणांक (Correlation Coefficient) का प्रयोग
यह निर्धारित
करने के लिए
किया गया कि
स्मार्टफोन
का उपयोग और
शैक्षिक
उपलब्धि के
बीच कोई
सांख्यिकीय
संबंध है या
नहीं। इस सांख्यिकीय
विधि के
माध्यम से यह
देखा गया कि स्मार्टफोन
का उपयोग
विद्यार्थियों
की शैक्षिक
उपलब्धि पर
सकारात्मक या
नकारात्मक
प्रभाव डालता
है या नहीं।
सहसंबंध
गुणांक के
द्वारा यह भी
मापा गया कि स्मार्टफोन
के उपयोग और
शैक्षिक
प्रदर्शन के बीच
कितनी मजबूती
से संबंध है, और क्या
यह संबंध
महत्वपूर्ण
है या नहीं।
प्रदत्त
विश्लेषण, व्याख्या
एवं परिणाम
नीचे
दी गई
सारणियाँ इस
अध्ययन के
विभिन्न परिणामों
को दर्शाती
हैं, जिनका
उद्देश्य यह
दिखाना है कि
उच्च माध्यमिक
स्तर के
विद्यार्थियों
की शैक्षिक
उपलब्धि और
स्मार्ट
मोबाइल फोन के
उपयोग के बीच
कोई सार्थक
संबंध नहीं
पाया गया है।
प्रत्येक सारणी
में
विद्यार्थियों
के
स्मार्टफोन
उपयोग और
शैक्षिक
प्रदर्शन के
बीच के संबंध
को दर्शाया
गया है, जो कि
सांख्यिकीय
विश्लेषण के
आधार पर है।
सारणी
1
|
सारणी 1 उच्च
माध्यमिक
स्तर के
विद्यार्थियों
की शैक्षिक
उपलब्धि तथा
स्मार्ट
मोबाइल फोन
के उपयोग के
मध्य कोई
सार्थक
संबंध नहीं
पाया जाता है। |
||||
|
विद्यार्थी
का समूह |
स्मार्टफोन
का औसत उपयोग
(घंटों में) |
शैक्षिक
उपलब्धि (%) |
सहसंबंध
(r) |
परिणाम |
|
कुल
विद्यार्थी |
4.2 |
72.5 |
0.05 |
कोई
सार्थक
संबंध नहीं |
|
लड़के |
4.4 |
70.2 |
0.02 |
कोई
सार्थक
संबंध नहीं |
|
लड़कियां |
3.9 |
75.3 |
0.07 |
कोई
सार्थक
संबंध नहीं |
इस
सारणी के
परिणाम
दर्शाते हैं
कि विद्यार्थियों
के
स्मार्टफोन
उपयोग और उनकी
शैक्षिक उपलब्धि
के बीच कोई
मजबूत या
सार्थक
सहसंबंध नहीं
पाया गया।
स्मार्टफोन
का औसत उपयोग 4.2 घंटे
प्रति दिन था, जबकि
शैक्षिक
उपलब्धि का
औसत प्रतिशत 72.5 था, और सहसंबंध
गुणांक केवल 0.05 था, जो कि किसी भी
महत्वपूर्ण
संबंध को नहीं
दर्शाता है।
सारणी
2
|
सारणी 2 उच्च
माध्यमिक
स्तर के शहरी
क्षेत्र के
विद्यार्थियों
की शैक्षिक
उपलब्धि तथा
स्मार्ट मोबाइल
फोन के उपयोग
के मध्य कोई
सार्थक संबंध
नहीं पाया
जाता है। |
||||
|
क्षेत्र |
स्मार्टफोन
का औसत उपयोग
(घंटों में) |
शैक्षिक
उपलब्धि (%) |
सहसंबंध
(r) |
परिणाम |
|
शहरी
विद्यार्थी |
4.7 |
74.8 |
0.04 |
कोई
सार्थक
संबंध नहीं |
|
लड़के |
4.9 |
72.3 |
0.03 |
कोई
सार्थक
संबंध नहीं |
|
लड़कियां |
4.5 |
77.2 |
0.05 |
कोई
सार्थक
संबंध नहीं |
शहरी
क्षेत्र में
विद्यार्थियों
का स्मार्टफोन
उपयोग थोड़ा
अधिक था (औसतन 4.7 घंटे), लेकिन
उनके शैक्षिक
परिणामों में
कोई खास अंतर
नहीं पाया
गया। शहरी
क्षेत्रों
में सहसंबंध
गुणांक 0.04 था, जो
कि बहुत ही कम
है और इसका
मतलब है कि
स्मार्टफोन
का उपयोग
शैक्षिक
उपलब्धि पर
कोई प्रभाव
नहीं डालता।
सारणी
3
|
सारणी 3 उच्च
माध्यमिक
स्तर के
ग्रामीण
विद्यार्थियों
की शैक्षिक
उपलब्धि तथा
स्मार्ट
मोबाइल फोन
के उपयोग के
मध्य कोई
सार्थक
संबंध नहीं पाया
जाता है। |
||||
|
क्षेत्र |
स्मार्टफोन
का औसत उपयोग
(घंटों में) |
शैक्षिक
उपलब्धि (%) |
सहसंबंध
(r) |
परिणाम |
|
ग्रामीण
विद्यार्थी |
3.6 |
70.3 |
0.06 |
कोई
सार्थक
संबंध नहीं |
|
लड़के |
3.7 |
68.5 |
0.04 |
कोई
सार्थक
संबंध नहीं |
|
लड़कियां |
3.5 |
72.1 |
0.08 |
कोई
सार्थक
संबंध नहीं |
ग्रामीण
विद्यार्थियों
का
स्मार्टफोन
उपयोग 3.6 घंटे प्रति
दिन था, और उनकी
शैक्षिक
उपलब्धि का
औसत प्रतिशत 70.3 था।
सहसंबंध
गुणांक 0.06 था, जो
यह संकेत करता
है कि
स्मार्टफोन
के उपयोग और
शैक्षिक
उपलब्धि के
बीच कोई
महत्वपूर्ण
संबंध नहीं
है।
सारणी
4
|
सारणी 4 उच्च
माध्यमिक
स्तर के शहरी
सरकारी
विद्यालयों
के
विद्यार्थियों
की शैक्षिक
उपलब्धि तथा
स्मार्ट
मोबाइल फोन
के उपयोग के
मध्य कोई सार्थक
संबंध नहीं
पाया जाता
है। |
||||
|
विद्यालय
प्रकार |
स्मार्टफोन
का औसत उपयोग
(घंटों में) |
शैक्षिक
उपलब्धि (%) |
सहसंबंध
(r) |
परिणाम |
|
शहरी
सरकारी
विद्यालय |
4.3 |
71.1 |
0.03 |
कोई
सार्थक
संबंध नहीं |
|
लड़के |
4.5 |
69.8 |
0.02 |
कोई
सार्थक
संबंध नहीं |
|
लड़कियां |
4.1 |
72.5 |
0.05 |
कोई
सार्थक
संबंध नहीं |
शहरी
सरकारी
विद्यालयों
के
विद्यार्थियों
के
स्मार्टफोन
उपयोग का औसत 4.3 घंटे था, जबकि उनकी
शैक्षिक
उपलब्धि का
औसत प्रतिशत 71.1 था।
सहसंबंध
गुणांक 0.03 था, जो
कि
स्मार्टफोन
और शैक्षिक
उपलब्धि के
बीच किसी भी
सार्थक संबंध
को नकारता है।
सारणी
5
|
सारणी 5 उच्च
माध्यमिक
स्तर के शहरी
निजी
विद्यालयों
के
विद्यार्थियों
की शैक्षिक
उपलब्धि तथा स्मार्ट
मोबाइल फोन
के उपयोग के
मध्य कोई सार्थक
संबंध नहीं
पाया गया है। |
||||
|
विद्यालय
प्रकार |
स्मार्टफोन
का औसत उपयोग
(घंटों में) |
शैक्षिक
उपलब्धि (%) |
सहसंबंध
(r) |
परिणाम |
|
शहरी
निजी
विद्यालय |
5 |
73.7 |
0.04 |
कोई
सार्थक
संबंध नहीं |
|
लड़के |
5.2 |
72 |
0.03 |
कोई
सार्थक
संबंध नहीं |
|
लड़कियां |
4.8 |
75.4 |
0.05 |
कोई
सार्थक
संबंध नहीं |
शहरी
निजी
विद्यालयों
में
विद्यार्थियों
का
स्मार्टफोन
उपयोग 5.0 घंटे प्रति
दिन था, और शैक्षिक
उपलब्धि का
औसत प्रतिशत 73.7 था।
सहसंबंध
गुणांक 0.04 था, जो
यह दर्शाता है
कि
स्मार्टफोन
का उपयोग शैक्षिक
उपलब्धि पर
कोई प्रभाव
नहीं डालता।
सारणी
6
|
सारणी 6 उच्च
माध्यमिक
स्तर के
ग्रामीण
सरकारी विद्यालयों
के
विद्यार्थियों
की शैक्षिक
उपलब्धि तथा
स्मार्ट
मोबाइल फोन
के उपयोग के
मध्य कोई
सार्थक
संबंध नहीं
पाया जाता
है। |
||||
|
विद्यालय
प्रकार |
स्मार्टफोन
का औसत उपयोग
(घंटों में) |
शैक्षिक
उपलब्धि (%) |
सहसंबंध
(r) |
परिणाम |
|
ग्रामीण
सरकारी
विद्यालय |
3.8 |
69.5 |
0.02 |
कोई
सार्थक
संबंध नहीं |
|
लड़के |
3.9 |
68.1 |
0.01 |
कोई
सार्थक
संबंध नहीं |
|
लड़कियां |
3.7 |
71 |
0.04 |
कोई
सार्थक
संबंध नहीं |
ग्रामीण
सरकारी
विद्यालयों
में
विद्यार्थियों
का
स्मार्टफोन
उपयोग 3.8 घंटे प्रति
दिन था, जबकि उनकी
शैक्षिक
उपलब्धि का
औसत प्रतिशत 69.5 था।
सहसंबंध
गुणांक 0.02 था, जो
यह दर्शाता है
कि
स्मार्टफोन
का उपयोग शैक्षिक
उपलब्धि को
प्रभावित
नहीं करता।
सारणी
7
|
सारणी 7 उच्च
माध्यमिक
स्तर के
ग्रामीण
निजी विद्यालयों
के
विद्यार्थियों
की शैक्षिक
उपलब्धि तथा
स्मार्ट
मोबाइल फोन
के उपयोग के
मध्य कोई सार्थक
संबंध नहीं
पाया जाता
है। |
||||
|
विद्यालय
प्रकार |
स्मार्टफोन
का औसत उपयोग
(घंटों में) |
शैक्षिक
उपलब्धि (%) |
सहसंबंध
(r) |
परिणाम |
|
ग्रामीण
निजी
विद्यालय |
3.4 |
71.2 |
0.05 |
कोई
सार्थक
संबंध नहीं |
|
लड़के |
3.6 |
69.8 |
0.03 |
कोई
सार्थक
संबंध नहीं |
|
लड़कियां |
3.2 |
72.6 |
0.07 |
कोई
सार्थक
संबंध नहीं |
ग्रामीण
निजी
विद्यालयों
के
विद्यार्थियों
का
स्मार्टफोन
उपयोग 3.4 घंटे प्रति
दिन था, और उनकी
शैक्षिक
उपलब्धि का
औसत प्रतिशत 71.2 था।
सहसंबंध
गुणांक 0.05 था, जो
दर्शाता है कि
स्मार्टफोन
का उपयोग
शैक्षिक
उपलब्धि पर
कोई प्रभाव
नहीं डालता।
संपूर्ण
अध्ययन के
परिणामों से
यह स्पष्ट होता
है कि
स्मार्टफोन
के उपयोग और
शैक्षिक उपलब्धि
के बीच कोई
सार्थक या
निर्णायक
संबंध नहीं
पाया गया।
विभिन्न
प्रकार के
विद्यार्थियों
(शहरी, ग्रामीण, सरकारी, निजी) में
स्मार्टफोन
का उपयोग
शैक्षिक उपलब्धि
को प्रभावित
नहीं करता।
निष्कर्ष
अध्ययन
के परिणामों
से यह स्पष्ट
होता है कि उच्च
माध्यमिक
स्तर के
विद्यार्थियों
की शैक्षिक
उपलब्धि और
स्मार्ट
मोबाइल फोन के
उपयोग के बीच
कोई सार्थक और
महत्वपूर्ण
संबंध नहीं
पाया गया।
विभिन्न
प्रकार के
विद्यार्थियों
(शहरी, ग्रामीण, सरकारी, और निजी
विद्यालयों)
में
स्मार्टफोन
का उपयोग
शैक्षिक
उपलब्धि पर
कोई
सकारात्मक या
नकारात्मक
प्रभाव डालता
हुआ नहीं देखा
गया।
शहरी और
ग्रामीण
क्षेत्रों के
विद्यार्थियों
के लिए
स्मार्टफोन
का उपयोग और
शैक्षिक
उपलब्धि में
कोई विशेष
अंतर नहीं
पाया गया।
शहरी क्षेत्र
के
विद्यार्थियों
का
स्मार्टफोन
उपयोग औसतन
अधिक था, लेकिन इसके
बावजूद
शैक्षिक
उपलब्धि पर
कोई सकारात्मक
प्रभाव नहीं
पड़ा।
ग्रामीण
क्षेत्रों
में भी
स्मार्टफोन
के उपयोग का
शैक्षिक परिणामों
पर कोई विशेष
प्रभाव नहीं
देखा गया। यह
निष्कर्ष
निकाला जा
सकता है कि स्मार्टफोन
का अत्यधिक
उपयोग
शैक्षिक
उपलब्धि पर
प्रभाव डालने
का मुख्य कारण
नहीं है, बल्कि इसका
उद्देश्यपूर्ण
और नियंत्रित
उपयोग
विद्यार्थियों
के शैक्षिक
जीवन में सुधार
कर सकता है।
यदि
स्मार्टफोन
का उपयोग शिक्षा
संबंधी
उद्देश्यों
के लिए किया
जाए, तो
यह
विद्यार्थियों
के लिए एक
सहायक उपकरण
साबित हो सकता
है।
स्मार्टफोन
की लत, जो
कि मनोरंजन या
सोशल मीडिया
के लिए
अत्यधिक उपयोग
के रूप में
प्रकट होती है, विद्यार्थियों
की शैक्षिक
उपलब्धि को
नकारात्मक
रूप से
प्रभावित कर
सकती है।
हालांकि, इस अध्ययन
में विशेष रूप
से लत का
विश्लेषण नहीं
किया गया है, लेकिन यह
माना जा सकता
है कि जब
स्मार्टफोन
का उपयोग
संयमित तरीके
से किया जाता
है,
तो यह
शैक्षिक
उपलब्धि को
प्रभावित
नहीं करता। इस
अध्ययन के
निष्कर्ष
शैक्षिक संस्थानों
और नीति
निर्माताओं
के लिए
महत्वपूर्ण
हैं।
स्मार्टफोन
का
उद्देश्यपूर्ण
उपयोग शिक्षा
के क्षेत्र
में सहायक हो
सकता है, इसलिए
विद्यार्थियों
को
स्मार्टफोन
के उपयोग के
लिए सही
दिशा-निर्देश
और नियंत्रण
प्रदान करना
आवश्यक है।
इससे
विद्यार्थियों
की शैक्षिक
सफलता को
बढ़ावा मिल
सकता है और वे
इसका उपयोग
शिक्षा में
अपने
प्रदर्शन को
सुधारने के
लिए कर सकते
हैं।
अंततः, इस अध्ययन से
यह निष्कर्ष
निकाला जा
सकता है कि
स्मार्टफोन
का उपयोग यदि
नियंत्रित और
उद्देश्यपूर्ण
तरीके से किया
जाए तो यह
शैक्षिक उपलब्धि
में सुधार कर
सकता है, लेकिन
अत्यधिक या
अनुशासनहीन
उपयोग से शैक्षिक
परिणामों पर
कोई विशेष
प्रभाव नहीं
पड़ा। इसलिए, विद्यार्थियों
को
स्मार्टफोन
के उपयोग में संतुलन
बनाए रखने की
आवश्यकता है, ताकि वे
इसका अधिकतम
लाभ उठा सकें।
सुझाव
1)
विद्यार्थियों
को
स्मार्टफोन
का उपयोग शिक्षा
और अध्ययन के
उद्देश्यों
के लिए करने
के लिए
प्रोत्साहित
किया जाना
चाहिए। इसके
लिए शैक्षिक
संस्थानों को
विद्यार्थियों
को डिजिटल
शिक्षा
सामग्री, ऑनलाइन
कोर्सेज, शैक्षिक
ऐप्स और अन्य
संसाधनों का
उपयोग करने की
दिशा-निर्देश
देना चाहिए, ताकि
स्मार्टफोन
का अधिकतम लाभ
शिक्षा में लिया
जा सके।
2)
विद्यार्थियों
को
स्मार्टफोन
के उपयोग के समय
को प्रबंधित
करने के लिए
प्रशिक्षण और
मार्गदर्शन
दिया जाना
चाहिए।
स्मार्टफोन
के अत्यधिक
उपयोग से बचने
के लिए
समय-सीमा
निर्धारित
करना आवश्यक
है,
ताकि उनका
ध्यान पढ़ाई
पर केंद्रित
रहे और वे अपने
शैक्षिक
लक्ष्यों को
प्राप्त कर
सकें।
3)
शैक्षिक
संस्थानों को
विद्यार्थियों
को डिजिटल
कौशल सिखाने
के लिए
कार्यक्रमों
का आयोजन करना
चाहिए। यह
प्रशिक्षण
विद्यार्थियों
को
स्मार्टफोन
का प्रभावी और
लाभकारी उपयोग
सिखाएगा, ताकि वे इसका
उपयोग अपनी
शैक्षिक
उपलब्धियों
को सुधारने के
लिए कर सकें।
4)
स्मार्टफोन
के उपयोग पर
शैक्षिक
संस्थाओं और
माता-पिता
द्वारा
निगरानी रखी
जानी चाहिए, ताकि
विद्यार्थियों
का समय ज्यादा
मनोरंजन या
गैर-शैक्षिक
गतिविधियों
में बर्बाद न
हो। माता-पिता
को भी
स्मार्टफोन
के उपयोग पर
ध्यान रखना
चाहिए और यह
सुनिश्चित
करना चाहिए कि
उनका बच्चा
इसे शैक्षिक
उद्देश्य के
लिए उपयोग कर
रहा है।
5)
सरकार
और शैक्षिक
संस्थानों को
स्मार्टफोन के
माध्यम से
उपलब्ध
शैक्षिक
सामग्री की
गुणवत्ता और
पहुंच को
बढ़ाने की
दिशा में काम
करना चाहिए।
डिजिटल
पुस्तकें, वीडियो
पाठ्यक्रम, और
शैक्षिक
वीडियो
विद्यार्थियों
के लिए उपयोगी
हो सकते हैं।
इसलिए, सरकार
और शैक्षिक
संस्थाओं को
विद्यार्थियों
के लिए मुफ्त
और सुलभ
शैक्षिक
सामग्री उपलब्ध
कराने पर जोर
देना चाहिए।
6)
विद्यार्थियों
और उनके
परिवारों को
स्मार्टफोन
के अत्यधिक
उपयोग के
दुष्प्रभावों
के बारे में
जागरूक किया
जाना चाहिए।
इसके लिए कार्यशालाओं
और जागरूकता
अभियानों का
आयोजन किया जा
सकता है, जिससे
विद्यार्थियों
और उनके
अभिभावकों को स्मार्टफोन
के सही उपयोग
के लाभ और
दुष्प्रभावों
के बारे में
जानकारी
मिलेगी।
7)
विद्यार्थियों
को मानसिक
स्वास्थ्य से
संबंधित
समर्थन और
मार्गदर्शन
प्रदान किया
जाना चाहिए, ताकि वे
स्मार्टफोन
के अत्यधिक
उपयोग से उत्पन्न
होने वाली
मानसिक
समस्याओं, जैसे तनाव, चिंता, और अवसाद
से बच सकें।
शैक्षिक
संस्थाओं में
काउंसलिंग
सेवाओं का
विस्तार किया
जाना चाहिए, ताकि
विद्यार्थियों
को अपने
मानसिक
स्वास्थ्य का
ख्याल रखने के
लिए उचित
सहायता मिल
सके।
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