Granthaalayah
A STUDY OF THE IMPACT OF PEER PRESSURE ON CAREER PREFERENCES OF HIGH SCHOOL STUDENTS IN MASS COMMUNICATION AND JOURNALISM

Original Article

A study of the impact of peer pressure on career preferences of high school students in mass communication and journalism

हाई स्कूल के विद्यार्थियों की समकक्ष दाब का जनसंचार एवं पत्रकारिता वृत्ति वरीयता पर प्रभाव का अध्ययन

 

Dr. Kirti Singh Bargah 1*

1 Assistant Professor, Chhattisgarh Kalyan Shiksha Mahavidyalaya, Aheri, Durg, Chhattisgarh, India

 

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ABSTRACT

English: In this modern society, based on science and technology, public welfare, prosperity, and development depend entirely on education. This has a direct impact on human economic, social, cultural, and political life. The objective of this study is to examine the impact of peer pressure on high school students' career preferences in mass communication and journalism. A sample of 500 students from government and private high schools was randomly selected. Standardized instruments, the Peer Pressure Scale (PPS) developed by Singh and Saini (2010) and the Career Preference Scale (CPR) developed by Bhargava and Bhargava (2014), both of which have high reliability and validity, were used for the selected sample. The study used a descriptive survey method, formulating the null hypothesis, and analyzing the data using a 2x2x2 factorial design using analysis of variance (ANOVA). The findings indicate that peer pressure has a bifactorial effect on high school students' career preferences for mass communication and journalism, with peer pressure and school type having an impact, and a trifactorial effect on peer pressure and school type and gender.

 

Hindi: वर्तमान समय में विज्ञान एवं तकनीकी पर आधारित इस आधुनिकतम समाज में जनता का कल्याण, समृद्धि वैभव तथा विकास पूर्ण रूप से शिक्षा पर निर्भर करता है इसका प्रत्यक्ष प्रभाव मानव के आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक तथा राजनैतिक जीवन पर पड़ता है। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य हाई स्कूल के विद्यार्थियो की समकक्ष दाब का जनसंचार एवं पत्रकारिता वृत्ति वरीयता पर प्रभाव का अध्ययन करना है। प्रतिदर्श शासकीय एवं अशासकीय हाई  स्कूल के 500 विद्यार्थियो को यादृच्छिक विधि के आधार पर चयन किया गया। चयनित न्यादर्श पर मानकीकृत उपकरण समकक्ष दाब मापनी Singh and Saini (2010) द्वारा निर्मित एवं वृत्ति वरीयता मापनी Bhargava and Bhargava (2014) का उपयोग किया गया। जिसकी विश्वसनीयता एवं वैधता उच्च कोटि की है। अध्ययन वर्णनात्मक सर्वेक्षण विधि से किया एवं शून्य परिकल्पना का निर्माण किया तथा प्राप्त प्रदत्तों का विश्लेषण 2X2X2 फेक्टोरियल डिजाइन का प्रयोग कर प्रसरण विश्लेषण (ANOVA) का थ्.त्ंजपव ज्ञात किया गया। निष्कर्षो से ज्ञात होता है कि हाई स्कूल के विद्यार्थियों की समकक्ष दाब का जनसँचार एवं पत्रकारिता वृत्ति वरीयता पर द्विकारकीय प्रभाव में समकक्ष दाब ग शाला के प्रकार पर प्रभाव पाया गया एवं त्रिक्रारकीय प्रभाव में समकक्ष दाब ग शाला के प्रकार ग लिंग पर प्रभाव पाया गया।

 

Keywords: Peer Pressure, Mass Communication Journalism, Career Preference, समकक्ष दाब, जनसंचार पत्रकारिता, वृति वरीयता

 


प्रस्तावना

वर्तमान में जल्दी-जल्दी व्यवसाय बदलने का चलन बढ़ गया है अलग- अलग क्षेत्रों में अलग-अलग व्यवसाय करने से किसी भी स्थिति का पता चलता है कि उस व्यक्ति ने अपनी क्षमता किस सीमा तक विकसित की है। जिसके कारण आज इस बदलते परिवेश में वृत्ति बार-बार बदल लेते है और अपने को संतुष्ट कर लेते है, वर्तमान में जनसंचार एवं पत्रकारिता वृत्ति वरीयताओं से समाचार एवं पत्रिकाएं रेडियो दूरदर्शन एवं चलचित्र है। Watils (2009) ने कहा है कि एक वृत्ति का चुनाव करने से पहले केवल कारण वृत्ति नियोजन बल्कि न करता संपूर्ण वृत्ति अनुमेधान है ताकि विकसित सामाजिक, आर्थिक स्थिति के साथ वृत्ति का समायोजन किया जा सके । माध्यमिक विद्यालयों में छात्रो के अधिकांश व्यावसायिक अवसरों के बारे में स्पष्ट जानकारी के लिये उन्हें वृत्ति विकल्प बनाने में मदद करने के लिये नहीं है। Splaver (2000) ने कहा है कि व्यक्तित्व सही वृत्ति के चयन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एक बाज के व्यक्तित्व को स्वप्रेरित प्रकार का होना चाहिए जैसा कि उनके जीवन में शुरुआती दिनो से कैरियर की संभावनाओं की जाँच करना है।

जब विद्यार्थी अपने पसंद की वृत्ति का चयन करता है और निर्णय लेता है कि क्या करना है कैसे करता है वह सही है या नहीं इस बात का दबाव उस पर उसके साथियों द्वारा पाया जाता है जो उसके मित्र करना चाहते है स्वयं भी चाहता है चाहे वह कार्य सही हो या गलत जिसका प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से वाया जाता है। इस प्रकार छात्र-छात्राओं की वृत्ति वरीयता में अन्तर नजर आया है वही वृत्ति की पसंद को साथियो, लिंग, प्रिंट मिडिया, रुचि को प्रभावित करते है।   

 

उद्देश्य

1)     हाई स्कूल के विद्यार्थियों की समकक्ष दाब का जनसंचार एवं पत्रकारिता वृत्ति वरीयता पर प्रभाव का अध्ययन करना।

2)     शासकीय एवं अशासकीय हाई स्कूल के विद्यार्थियों की समकक्ष दाब का जनसंचार एवं पत्रकारिता वृत्ति वरीयता पर प्रभाव का अध्ययन करना।

3)     शासकीय एवं अशासकीय हाई स्कूल के छात्र एवं छात्राओं की समकक्ष दाब का जनसंचार एवं पत्रकारिता वृत्ति वरीयता पर प्रभाव का अध्ययन करना।

 

परिकल्पना

H01 : हाई स्कूल के विद्यार्थियों की समकक्ष दाब का जनसंचार एवं पत्रकारिता वृत्ति वरीयता पर सार्थक प्रभाव नहीं पाया जायेगा।

H02 : शासकीय एवं अशासकीय हाई स्कूल के विद्यार्थियों की समकक्ष दाब का जनसंचार एवं पत्रकारिता वृत्ति वरीयता पर सार्थक प्रभाव नहीं पाया जायेगा।

H03 : शासकीय एवं अशासकीय हाई स्कूल के छात्र एवं छात्राओं की समकक्ष दाब का जनसंचार एवं पत्रकारिता वृत्ति वरीयता पर सार्थक प्रभाव नहीं पाया जायेगा।

 

न्यादर्श

प्रस्तुत अध्ययन छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला के 10 हाई स्कूल विद्यालयों से 500 विद्यार्थियों का चयन यादृच्छिक विधि से किया गया। जिसमें शासकीय विद्यालय से 250 छात्र-छात्राओं  तथा अशासकीय विद्यालय से 250 छात्र-छात्राओं को चयनित किया गया।

 

उपकरण

चयनित न्यादर्श पर समकक्ष दाब का मापन हेतु पियर प्रेशर स्केल (Peer Pressure Scale) जो Singh and Saini (2010) द्वारा निर्मित उपकरण एवं वृत्ति वररीयता मापन हेतु कैरियरर प्रिफरेंस रिकार्ड (Career Preference Record) Bhargava and Bhargava (2014) द्वारा निर्मित मापनी का उपयोग किया गया।

 

परिणाम

H01: हाई स्कूल के विद्यार्थियों की समकक्ष दाब का जनसंचार एवं पत्रकारिता वृत्ति वरीयता पर सार्थक प्रभाव नहीं पाया जायेगा।

सारणी 1

सारणी 1 समकक्ष दाब, शाला के प्रकार एवं लिंग का जनसंचार एवं पत्रकारिता वृत्ति वरीयता पर मुख्य एवं अंतःक्रियात्मक प्रसरण विश्लेषण का सांख्यिकी विवरण

स्त्रोत

टाईप III वर्गो का योग

स्वतंत्र अंश

मध्यमान वर्ग

F

सार्थकता

समकक्ष दाब

13.614

1

13.614

.996*

शाला के प्रकार

7.173

1

7.173

.525*

लिंग

11.584

1

11.584

.848*

समकक्ष दाब X शाला के प्रकार

70.589

1

70.589

5.166**

समकक्ष दाब X लिंग

13.833

1

13.833

1.012*

शाला के प्रकार X लिंग

774

1

774

.057*

समकाक्ष दाब X शाला के प्रकार X लिंग

96.154

1

96.154

7.037**

त्रुटि

4632.333

339

13.665

योग

38704.000

347

संशोधित योग

4917.902

346

** = 0.001, *= 0.05, *= सार्थक नहीं

 

स्वतंत्र प्रभाव के अध्ययन के लिये समकक्ष दाब (उच्च एवं निम्न) शाला के प्रकार (शासकीय एवं अशासकीय) तथा लिंग (छात्र एवं छात्रा) के जनसंचार एवं पत्रकारिता वृत्ति वरीयता में प्राप्त मध्यमान एवं प्रमाणिक विचलन तथा प्रसरण विश्लेषण ज्ञात कर सारणी 2 में प्रस्तुत किया गया है।

सारणी 2

सारणी 2 समकक्ष दाब (उच्च-निम्न), शाला के प्रकार (शासकीय एवं अशासकीय) एवं लिंग (छात्र-छात्राओं) का एककारकीय प्रभाव का सारांश

क्रं.

क्षेत्र

चर

N

M

SD

F

1

समकक्ष दाब

उच्च

180

9.67

3.783

0.996*

निम्न

167

70.08

3.756

2

शाला के प्रकार

शासकीय

147

10.31

3.584

0.525*

अशासकीय

200

9.54

3.879

3

लिंग

छात्र

187

9.65

3.419

0.848*

छात्राये

160

10.13

4.139

** = 0.001, *= 0.05, *= सार्थक नहीं

 

समकक्ष दाब

सारणी 2 के अवलोकन से ज्ञात होता है कि समकक्ष दाब का हाई स्कूल के विद्यार्थियो की जनसंचार एवं पत्रकारिता वृत्ति वरीयता पर सार्थक प्रभाव नहीं पाया गया। [F(df =1,346) = 0.996, P>0.01] सारणी से यह भी पाया गया कि उच्च समकक्ष दाब का निर्णय क्षमता का मध्यमान 109.51 एवं निम्न समकक्ष दाब का निर्णय क्षमता का मध्यमान 109.15 प्राप्त हुआ। मध्यमानों के मध्य तुलना करने पर सार्थक अंतर नहीं पाया गया। अतः शून्य परिकल्पना सत्यापित होती है। यही परिणाम Alika (2019) ने समकक्ष समूह के संबंध में अध्ययन किया और पाया कि समकक्ष समूह के बीच कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं था। वर्तमान में नई-नई तकनीकी अविश्कारों के कारण टी.वी., इंटरनेट के माध्यम से विद्यार्थी जानकारी प्राप्त कर लेते हैं ऐसे समय में वे अपनी योग्यता एवं क्षमता को समझ कर निर्णय लेते हैं। इस प्रकार समकक्षदाब का निर्णय क्षमता पर प्रभाव नहीं पाया गया।

 

शाला के प्रकार

उपर्युक्त सारणी 2 के अवलोकन से ज्ञात होता है कि शाला के प्रकार (शासकीय एवं अशासकीय शाला) का हाई स्कूल के विद्यार्थियो की समकक्ष दाब का जनसंचार एवं पत्रकारिता वृत्ति वरीयता पर सार्थक प्रभाव नहीं पाया गया।

[F(df =1,346) = 0.525, P>0.01]

शासकीय शाला में समकक्ष दाब का जनसंचार एवं पत्रकारिता वृत्ति वरीयता का मध्यमान 10.31 है तथा अशासकीय शाला में समकक्ष दाब का जनसंचार एवं पत्रकारिता वृत्ति वरीयता का मध्यमान 9.54 प्राप्त हुआ। मध्यमानों के मध्य तुलना करने पर सार्थक अंतर नहीं पाया गया। अतः शून्य परिकल्पना सत्यापित होती है।

 

लिंग

उपर्युक्त सारणी 2 के अवलोकन से ज्ञात होता है कि लिंग (छात्र एवं छात्रा) का हाई स्कूल के विद्यार्थियो की जनसंचार एवं पत्रकारिता वृत्ति वरीयता पर सार्थक प्रभाव नहीं पाया गया।

[F(df =1,346) = 0.848, P>0.01]

अतः मध्यमानों के मध्य तुलना करने पर सार्थक अंतर नहीं पाया गया। अतः प्रस्तावित  परिकल्पना सत्य प्रभावित होती है।

 

द्विकारकीय अन्यान्योक्षित प्रभाव

द्विकारकीय अन्यान्योक्षित प्रभाव के लिये (2X2) प्रसरण विश्लेषण ज्ञात किया गया। ये समकक्ष दाब X शाला के प्रकार, समकक्ष दाब X लिंग, तथा शाला के प्रकार ग लिंग के आधार पर अध्ययन किया गया। अध्ययन में मध्यमान, प्रमाणिक विचलन तथा F’ का मान ज्ञात किया गया, जिसे सारणी 3 में दर्शाया गया है।

सारणी 3

सारणी 3 समकक्ष दाब X शाला के प्रकार एवं लिंग का जनसंचार एवं पत्रकारिता वृत्ति वरीयता पर प्रभाव का द्विकारकीय अन्यान्योश्रित सांख्यिकी विवरण

क्रं.

क्षेत्र

चर

N

M

SD

F

1

समकक्ष दाब  X शाला के प्रकार

उच्च

 

शासकीय

89

10.54

3.401

5.166*

अशासकीय

91

8.82

3.960

निम्न

 

शासकीय

58

9.96

3.850

अशासकीय

109

10.15

3.721

2

समकक्ष दाब X लिंग

उच्च

 

छात्र

187

9.65

3.419

1.012 *

छात्रायें

160

10.13

4.139

निम्न

 

छात्र

119

9.96

3.232

छात्रायें

48

10.38

4.845

3

शाला के प्रकार X लिंग

शासकीय

 

छात्र

76

9.76

3.577

.857*

छात्रायें

71

10.89

3.524

अशासकीय

छात्र

111

9.57

3.321

छात्रायें

89

9.52

4.498

**= 0.01, *=0.05, *= सार्थक नहीं

 

समकक्ष दाब X शाला के प्रकार

उपर्युक्त सारणी 2 के अवलोकन से ज्ञात होता है कि द्विकारकीय अन्यान्योश्रित प्रभाव (2X2) में समकक्ष सब (उच्च एवं निम्न) एवं शाला के प्रकार (शासकीय एवं अशासकीय) शाला का वृत्ति वरीयता के आयाम जनसंचार एवं पत्रकारिता पर सार्थक प्रभाव पाया गया। [F(df =1,346) = 5.166, P˂0.05]

अवलोकन से यह भी पाया कि शासकीय शाला में उच्च समकक्ष दाब का वृत्ति वरीयता के आयाम जनसंचार एवं पत्रकारिता का मध्यमान जनसंचार एवं पत्रकारिता का मध्यमान 10.54 है एवं अशासकीय शाला में उच्च समकक्ष दाब का वृत्ति वरीयता के आयाम जनसंचार एवं पत्रकारिता का मध्यमान 8.82 प्राप्त हुआ। मध्यमानों के मध्य तुलना करने पर अंतर पाया गया।

इसी प्रकार शासकीय शाला में निम्न समकक्ष दाब का वृत्ति वरीयता के आयाम जनसंचार एवं पत्रकारिता का मध्यमान 9.96 है एवं अशासकीय शाला में निम्न समकक्ष दाब का वृत्ति वरीयता के आयाम जनसंचार एवं पत्रकारिता का मध्यमान 10.15 प्राप्त हुआ। मध्यमानों के मध्य तुलना करने पर सार्थक अंतर पाया गया।

 

समकक्ष दाब X लिंग

उपर्युक्त सारणी 2 के अवलोकन से ज्ञात होता है कि द्विकारकीय अन्यान्योश्रित प्रभाव (2X2) समकक्ष दाब (उच्च एवं निम्न) एवं लिंग (छात्र एवं छात्रा) का निर्णय क्षमता के सामाजिक निर्णय क्षमता पर सार्थक प्रभाव नहीं पाया गया।

[F(df =1,346) = 1.012, P>0.01]

अवलोकन से यह भी पाया कि उच्च समकक्ष दाब में छात्रों का वृत्ति वरीयता के आयाम जनसंचार एवं पत्रकारिता का मध्यमान 9.65 है एवं उच्च समकक्ष दाब वाले छात्राओं का वृत्ति वरीयता के आयाम जनसंचार एवं पत्रकारिता का मध्यमान 10.13 प्राप्त हुआ। मध्यमानों के मध्य तुलना करते पर सार्थक अंतर नहीं पाया गया। इसी प्रकार निम्न समकक्ष दाब में छात्रो का वृत्ति वरीयता के आयाम जनसंचार एवं पत्रकारिता का मध्यमान 9.96 है एवं निम्न समकक्ष दाब वाले छात्राओं का वृत्ति वरीयता के आयाम जनसंचार एवं पत्रकारिता का मध्यमान 10.38 प्राप्त हुआ। मध्यमानो के मध्य तुलना करने पर सार्थक अंतर नहीं पाया गया ।

 

शाला के प्रकार X लिंग

उपर्युक्त सारणी 2 के अवलोकन से ज्ञात होता है कि द्विकारकीय अन्यान्योचित प्रभाव में (2X2) में शाला के प्रकार (शासकीय एवं अशासकीय) शाला एवं लिंग (छात्र एवं छात्रा) का वृत्ति वरीयता के आयाम जनसंचार एवं पत्रकारिता पर सार्थक प्रभाव नहीं पाया गया। [F(df =1,346) = 0.857, P>0.01]

अवलोकन से यह भी पाया कि शाला के प्रकार में शासकीय शाला के छात्रो का वृत्ति वरीयता के आयाम जनसंचार एतं पत्रकारिता के मध्यमान 9.76 है एवं शासकीय शाला के छात्राओ का वृत्ति वरीयता के आयाम जनसंचार एवं पत्रकारिता में मध्य-भान 10.89 प्राप्त हुआ। मध्यमानो के मध्य तुलना करने पर सार्थक अंतर नहीं पाया गया।

इसी प्रकार अशासकीय शाला के वृत्ति वरीयता के आयाम जनसंचार एवं पत्रकारिता में छात्रो का मध्यमान 9.57 है एवं अशासकीय शाला के छात्राआंे का वृत्ति वरीयता के आयाम जनसंचार एवं पत्रकारिता में मध्यमान 9.52 प्राप्त हुआ । मध्यमानों के मध्य तुलना करने पर सार्थक अंतर नहीं पाया गया।

 

त्रिकारकीय अन्यान्योश्रित प्रभाव

हाई स्कूल के विद्यार्थियो की समकक्ष दाब (उच्च एवं निम्न) X शाला के प्रकार (शासकीय एवं अशासकीय) शाला X लिंग (छात्र एवं छात्रा) का संयुक्त प्रभाव 2X2X2  प्रसरण विश्लेषण ज्ञात किया गया। मध्यमान, प्रमाणिक विचलन तथा F का मान सारणी 3 में दर्शाया गया है।

सारणी 4

सारणी 4 समकक्ष दाब (उच्च एवं निम्न) X शाला के प्रकार (शासकीय एवं अशासकीय) शाला X लिंग (छात्र एवं छात्रा) का वृत्ति वरीयता के आयाम जनसंचार एवं पत्रकारिता पर प्रभाव का त्रिकारकीय अन्यान्योश्रित सांख्यिकी विश्लेषण

क्रं.

क्षेत्र

चर

N

M

SD

F

 

 

     

 

 

 

 समकक्ष दाब  X शाला के प्रकार X लिंग

  

उच्च

शासकीय

छात्र

31

9.13

3.462

 

 

 

7-037**

 

 

 

 

छात्राये

58

11.29

3.146

अशासकीय

छात्र

37

9.08

3.911

छात्राये

54

8.65

4.020

निम्न

शासकीय

छात्र

45

10.20

3.628

छात्राये

13

9.08

4.591

अशासकीय

छात्र

74

9.81

2.982

छात्राये

35

10.86

4.912

**= 0.01, *=0.05, *= सार्थक नहीं

 

उपर्युक्त सारणी 4 के अवलोकन से ज्ञात होता है कि त्रिकारकीय अन्यान्योश्रित प्रभाव में समकक्ष दाब (उच्च एवं निम्न) ग् शाला के प्रकार (शासकीय एवं अशासकीय) शाला X लिंग (छात्र एवं छात्रा) का वृत्ति वरीयता के आयाम जनसंचार एवं पत्रकारिता पर सार्थक प्रभाव पाया गया। [F(df=1,346) = 7.037, P ˂ 0.01]

अवलोकन से ज्ञात होता है कि उच्च समकक्ष दाब का शासकीय शालाओं के छात्रों का वृत्ति वरीयता के आयाम जनसंचार एवं पत्रकारिता का मध्यमान 9.13 है एवं उच्च समकक्ष दाब के शासकीय शालाओं के छात्राओं का वृत्ति वरीयता के आयाम जनसंचार एवं पत्रकारिता का मध्यमान 11.29 प्राप्त हुआ । मध्यमानो के मध्य तुलना करने पर सार्थक अंतर पाया गया तथा उच्च समकक्ष दाब का अशासकीय शाला के छात्रों का वृत्ति वरीयता के आयाम जनसंचार एवं पत्रकारिता का मध्यमान 9.08 है एवं अशासकीय शाला के छात्राओं का वृत्ति वरीयता के आयाम जनसंचार एवं पत्रकारिता का मध्यमान 8.65 प्राप्त हुआ । मध्यमानो के मध्य तुलना करने पर सार्थक अंतर पाया गया।

इसी प्रकार निम्न समकक्ष दाब का शासकीय शालाओ के छात्रों का वृत्ति वरीयता के आयाम जनसंचार एवं पत्रकारिता का मध्यमान 10.20 है एवं निम्न समकक्ष दाब का शासकीय शालाओं के छात्राओं का वृत्ति वरीयता के आयाम जनसंचार एवं पत्रकारिता का मध्यमान 9.08 प्राप्त हुआ। मध्यमानो के मध्य तुलना करने पर सार्थक अंतर पाया गया तथा निम्न समकक्ष दाब का अशासकीय छात्रों का वृत्ति वरीयता के आयाम जनसंचार एवं पत्रकारिता का मध्यमान 9.81 है एवं निम्म समकक्ष दाब का अशासकीय शाला के छात्राओं का वृत्ति वरीयता के आयाम जनसंचार एवं पत्रकारिता का मध्यमान 10.86 प्राप्त हुआ। मध्यमानो के मध्य तुलना करने पर सार्थक अंतर पाया गया।

समकक्ष दाब शाला के प्रकार एवं लिंग का त्रिकास्कीय अंतः क्रियात्मक का जनसंचार एवं पत्रकारिता के चयन पर सार्थक प्रभाव पाया गया।

 

निष्कर्ष

हाई स्कूल के विद्यार्थियों की समकक्ष दाब का वृत्ति वरीयता के आयाम जनसंचार एवं पत्रकारिता पर समकक्ष दाब, शाला के प्रकार एवं लिंग पर सार्थक भाव नहीं पाया गया तथा त्रिकारकीय अंतःक्रियात्मक प्रभाव में समकक्ष दाब X शाला के प्रकार एवं ग लिंग पर सार्थक प्रभाव पाया गया। इसका कारण यह हो सकता है कि नारी सशक्तीकरण के विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन से बालिकायें कठिन क्षेत्रों में भी कार्य करने के लिये प्रोत्साहित होती है।

  

REFERENCES

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Splaver, S. (2000). Your Personality and Your Career. Julian Messner.

Watils, D. W. (2009). The Signs of Getting Rich. Retrieved October 5, 2009.

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