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A Study of the Impact of Social Media on the Social Behavior of Undergraduate Students

Original Article

A STUDY OF THE IMPACT OF SOCIAL MEDIA ON THE SOCIAL BEHAVIOR OF UNDERGRADUATE STUDENTS   

स्नातक स्तर के विद्यार्थियों के सामाजिक व्यवहार पर सोशल मीडिया के प्रभाव का अध्ययन  

 

Dr. Shaminder Kaur 1*, Lalita Kumari Bairwa 2

1 Research Director, Nirwan University, Jaipur, Rajasthan, India

2 Research Scholar, Nirwan University, Jaipur, Rajasthan, India

 

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ABSTRACT

English: The present research aims to study the impact of social media on the social behavior of undergraduate students. In today's digital age, social media has become an integral part of students' lives, and its influence can be clearly seen in their social relationships, behavior, communication style, and emotional balance. 200 undergraduate students were selected as the sample for this study. A standardized questionnaire was used to measure social behavior. The data was analyzed using mean, standard deviation, and critical ratio. The results revealed that social media has both positive and negative effects on the social behavior of students, but students who use it excessively showed social isolation and a decrease in face-to-face communication.

 

Hindi: प्रस्तुत शोध का उद्देश्य स्नातक स्तर के विद्यार्थियों के सामाजिक व्यवहार पर सोशल मीडिया के प्रभाव का अध्ययन करना है। आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया विद्यार्थियों के जीवन का अभिन्न अंग बन चुका है, जिसका प्रभाव उनके सामाजिक संबंधों, व्यवहार, संवाद शैली एवं भावनात्मक संतुलन पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। इस अध्ययन में 200 स्नातक विद्यार्थियों को नमूने के रूप में चयनित किया गया। सामाजिक व्यवहार मापन हेतु मानकीकृत प्रश्नावली का प्रयोग किया गया। आँकड़ों का विश्लेषण औसत, मानक विचलन तथा क्रान्तिक अनुपात द्वारा किया गया। परिणामों से यह स्पष्ट हुआ कि सोशल मीडिया का विद्यार्थियों के सामाजिक व्यवहार पर सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनों प्रकार का प्रभाव देखा गया, परंतु अत्यधिक उपयोग करने वाले विद्यार्थियों में सामाजिक अलगाव एवं प्रत्यक्ष संवाद में कमी पाई गई।

 

Keywords: Graduates, Students, Social Media, Social Behavior, Influence, Study, स्नातक, छात्र, सोशल मीडिया, सामाजिक व्यवहार, प्रभाव, अध्ययन

 


 

 

 

 

प्रस्तावना

वर्तमान शताब्दी में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी ने मानव जीवन को अभूतपूर्व रूप से प्रभावित किया है। सोशल मीडिया जैसेकृफेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, ट्विटर एवं यूट्यूब ने संचार को अत्यंत सरल एवं तीव्र बना दिया है। स्नातक स्तर के विद्यार्थी तकनीक के सर्वाधिक सक्रिय उपभोक्ता हैं।

 

सामाजिक व्यवहार से आशय

व्यक्ति की सामाजिक परिस्थितियों में प्रदर्शित व्यवहार, सहयोग, संप्रेषण, सहानुभूति एवं सहभागिता से है। सोशल मीडिया जहाँ एक ओर सामाजिक संपर्क बढ़ाता है, वहीं दूसरी ओर यह प्रत्यक्ष सामाजिक सहभागिता को कमजोर भी कर सकता है। इस संदर्भ में यह आवश्यक हो जाता है कि स्नातक स्तर के विद्यार्थियों के सामाजिक व्यवहार पर सोशल मीडिया के वास्तविक प्रभाव का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाए।

 

साहित्य समीक्षाएँ

वर्मा, नरेन्द्र कुमार (2020) ने ’’किशोर छात्रों में भावनात्मक परिपक्वता एवं सामाजिक कौशलों पर सोशल नेटवर्किंग साइट्स के प्रभाव का अध्ययन’’ विषय पर शोध कार्य किया जिसके निम्न निष्कर्ष सामने आए 1- भावनात्मक परिपक्वता पर सोशल नेटवर्किंग साइट्स का सर्वाधिक प्रभाव धौलपुर जिले के विद्यार्थियों पर देखने को मिला। 2-सामाजिक कौशलों पर सोशल नेटवर्किंग साइट्स का सर्वाधिक प्रभाव भरतपुर जिले के विद्यार्थियों पर देखने को मिला। ग्रामीण भरतपुर तथा शहरी विद्यार्थियों में करौली के विद्यार्थियों में देखने को मिला। 3-सोशल नेटवर्किंग साइट्स का प्रभाव ग्रामीण विद्यार्थियों में सवाई माधोपुर तथा शहरी विद्यार्थियों में भी सवाई माधोपुर के विद्यार्थियों पर सर्वाधिक

हाशिम खैरूद्दीन, कुतबी इब्राहिम एवं अन्य (2016) छात्रों के सामाजिक व्यवहार पर सोशल मीडिया के प्रभाव की धारणाए छात्रों और संकाय के बीच एक तुलना  ने कला तथा विज्ञान वर्ग के छात्रों द्वारा सोशल मीडिया प्रयोग का उनके सामाजिक व्यवहार पर प्रभाव का तुलनात्मक अध्ययन किया। अध्ययन हेतु किग अब्दुलजिज विश्वविद्यालय, सउदी अरब के 2605 छात्रों को न्यादर्श के रूप में चुना गया। शोधकर्ता ने स्वनिर्मित प्रश्नावली का प्रयोग किया। शोध अध्ययन के परिणामों से ज्ञात होता है कि सोशल मीडिया का सामाजिक व्यवहार पर सार्थक सकारात्मक प्रभाव पडता है। कला वर्ग के छात्रों ने स्वतन्त्र विचार अभिव्यक्ति को तथा विज्ञान वर्ग के छात्रों ने पूर्व प्रेषित विचारों पर अपना मत प्रकट करने को प्राथमिकता प्रदान की।

उपाध्याय, प्राची (2016) ’’किशोर बालक एवं बालिकाओं के सामाजिक व्यवहार पर पारिवारिक संबंधों के प्रभाव का अध्ययन।’’ पर पीएच.डी.स्तर का शोध कार्य किया जिसका उद्देश्य किशोर बालक व बालिकाओं के सामाजिक व्यवहार पर उच्च एवं निम्न पारिवारिक संबंधों के प्रभाव का अध्ययन करना था। इस शोध के निष्कर्ष में पाया कि उच्च पारिवारिक संबंधों वाले बालक, बालिकाओं तथा निम्न पारिवारिक संबंधों वाले बालक, बालिकाओं के सामाजिक व्यवहार के मध्य सार्थक अन्तर पाया जाता है।

समस्या का विवरण

स्नातक स्तर के विद्यार्थियों के सामाजिक व्यवहार पर सोशल मीडिया के प्रभाव का अध्ययन।”

शोध के उद्देश्य

स्नातक विद्यार्थियों में सोशल मीडिया उपयोग के स्तर का अध्ययन करना।

स्नातक विद्यार्थियों के सामाजिक व्यवहार का अध्ययन करना।

उच्च एवं निम्न सोशल मीडिया उपयोग करने वाले विद्यार्थियों के सामाजिक व्यवहार में अंतर का अध्ययन करना।

सोशल मीडिया उपयोग और सामाजिक व्यवहार के मध्य संबंध का अध्ययन करना।

परिकल्पनाएँ

H0: उच्च एवं निम्न सोशल मीडिया उपयोग करने वाले विद्यार्थियों के सामाजिक व्यवहार में कोई सार्थक अंतर नहीं है।

H0: छात्रो एवं छात्राओं के सामाजिक व्यवहार में कोई सार्थक अंतर नहीं है।

H0: सोशल मीडिया उपयोग और सामाजिक व्यवहार के बीच कोई सार्थक संबंध नहीं है।

संक्रियात्मक परिभाषाएँ

सोशल मीडिया: इंटरनेट आधारित वे डिजिटल मंच जिनके माध्यम से व्यक्ति संवाद, सूचना-साझाकरण एवं सामाजिक संपर्क करता है।

सामाजिक व्यवहार: वह व्यवहार जो व्यक्ति सामाजिक परिस्थितियों में दूसरों के साथ अंतःक्रिया के दौरान प्रदर्शित करता है।

स्नातक विद्यार्थी: वे विद्यार्थी जो किसी महाविद्यालय में स्नातक कक्षा में अध्ययनरत हों।

शोध पद्धति

शोध-रूपरू वर्णनात्मक तथा तुलनात्मक

जनसंख्यारू जयपुर जिले के शहरी क्षेत्र के स्नातक विद्यार्थी

न्यादर्शरू 200 छात्र-छात्राएँ

न्यादर्श चयन विधिरू स्तरीकृत यादृच्छिक न्यादर्श विधि

उपकरणरू

सोशल मीडिया उपयोग मापनी - स्वनिर्मित

सामाजिक व्यवहार मापनी स्केल- डॉ. अशोक शर्मा

आँकड़ा संकलनरू समूह पद्धति द्वारा

आँकड़ा विश्लेषणः मध्यमानए मनक विचलन एवं क्रान्तिक अनुपात

आँकड़ों का विश्लेषण

H0: उच्च एवं निम्न सोशल मीडिया उपयोग करने वाले विद्यार्थियों के सामाजिक व्यवहार में कोई सार्थक अंतर नहीं है।

तालिका 1

समूह

संख्या

मध्यमान

मनक विचलन

स्वतंत्रता के अंश पर

क्रान्तिक अनुपात

सार्थकता स्तर

उच्च  सोशल मीडिया उपयोगकर्ता    निम्न सोशल मीडिया उपयोगकर्ता

100

27.86

5.18

198

6.52

0.05

100

33.47

4.72

 

उपरोक्त तालिका क्रमांक (1) से स्पष्ट होता है कि उच्च सोशल मीडिया उपयोग करने वाले विद्यार्थियों का सामाजिक व्यवहार माध्यांक 27.86 तथा निम्न उपयोग करने वाले विद्यार्थियों का माध्यांक 33.47 पाया गया। दोनों समूहों का प्राप्त क्रान्तिक अनुपात 6.52 है, जो कि 0.05 सार्थकता स्तर पर सीमामान 1.97 से अधिक है। अतः शून्य परिकल्पना (H0) अस्वीकार की जाती है। यह निष्कर्ष प्राप्त होता है कि उच्च एवं निम्न सोशल मीडिया उपयोग करने वाले विद्यार्थियों के सामाजिक व्यवहार में सांख्यिकीय रूप से सार्थक अंतर पाया गया है।

H0: छात्रों एवं छात्राओं के सामाजिक व्यवहार में कोई सार्थक अंतर नहीं है।

तालिका 2

समूह

संख्या

मध्यमान

मनक विचलन

स्वतंत्रता के अंश पर

क्रान्तिक अनुपात

सार्थकता स्तर

छात्र

100

29.15

5.42

198

5.87

0.05

छात्रा

100

32.68

4.90

 

 

तालिका क्रमांक (2) के अनुसार छात्रों का सामाजिक व्यवहार माध्य 29.15 तथा छात्राओं का माध्य 32.68 पाया गया। प्राप्त क्रान्तिक अनुपात 5.87, जो कि 0.05 सार्थकता स्तर पर सीमामान 1.97 से अधिक है। अतः शून्य परिकल्पना (H02) अस्वीकार की जाती है। यह निष्कर्ष छात्रों एवं छात्राओं के सामाजिक व्यवहार में सांख्यिकीय रूप से सार्थक अंतर पाया गया। लड़कियाँ सामाजिक व्यवहार में अधिक अनुकूल पाई गईं।

H0: सोशल मीडिया उपयोग और सामाजिक व्यवहार के बीच कोई सार्थक संबंध नहीं है।

तालिका 3

समूह

संख्या

सहसंबंध गुणांक

सार्थकता स्तर

सोशल मीडिया

200

-0.36

0.05

सामाजिक व्यवहार

 

तालिका क्रमांक (3) से स्पष्ट होता है कि सोशल मीडिया उपयोग एवं सामाजिक व्यवहार के बीच सहसंबंध गुणांक -0.36 पाया गया, जो कि 0.01 स्तर पर सार्थक है। यह दर्शाता है कि जैसे-जैसे सोशल मीडिया उपयोग बढ़ता है, वैसे-वैसे सामाजिक व्यवहार में गिरावट आती है। अतः शून्य परिकल्पना ( H0) अस्वीकार की जाती है। यह निष्कर्ष प्राप्त हुआ कि सोशल मीडिया उपयोग और सामाजिक व्यवहार के बीच नकारात्मक एवं सार्थक संबंध पाया गया है।

 

परिणाम

·        अधिक सोशल मीडिया उपयोग करने वाले विद्यार्थियों में प्रत्यक्ष सामाजिक सहभागिता कम पाई गई।

·        निम्न सोशल मीडिया उपयोग करने वाले विद्यार्थियों में सामाजिक संपर्क एवं सहकारिता अधिक पाई गई।

·        छात्राओं का सामाजिक व्यवहार छात्रों की तुलना में अधिक सकारात्मक पाया गया।

·        सोशल मीडिया उपयोग और सामाजिक व्यवहार के बीच नकारात्मक सहसंबंध पाया गया।

 

चर्चा

अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ कि सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग विद्यार्थियों के प्रत्यक्ष सामाजिक व्यवहार को प्रभावित करता है। जहाँ सीमित उपयोग सूचना एवं संपर्क का माध्यम बनता है, वहीं अत्यधिक उपयोग सामाजिक अलगाव, आत्मकेंद्रित प्रवृत्ति एवं वास्तविक सामाजिक सहभागिता में कमी उत्पन्न करता है। यह परिणाम पूर्ववर्ती अध्ययनों से भी मेल खाते हैं।

 

निष्कर्ष

अध्ययन के निष्कर्षों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि सोशल मीडिया का स्नातक स्तर के विद्यार्थियों के सामाजिक व्यवहार पर सार्थक प्रभाव पड़ता है। संतुलित उपयोग सामाजिक विकास में सहायक है, जबकि अत्यधिक उपयोग सामाजिक व्यवहार को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है।

 

शैक्षिक सुझाव

·        विद्यार्थियों के लिए डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ।

·        सोशल मीडिया के सीमित एवं सकारात्मक उपयोग हेतु परामर्श प्रदान किया जाए।

·        महाविद्यालयों में सह-पाठ्यक्रम गतिविधियाँ बढ़ाई जाएँ।

 

Reference

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